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भारत में जल विद्युत तकनीक का परीक्षण, नियामक ने दी मंजूरी
केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड की 1 मेगावाट पायलट परियोजना के लिए 3.39 रुपये प्रति यूनिट का टैरिफ मंजूर किया है। यह निर्णय केंद्रीय दिशानिर्देशों की अनुपस्थिति में लिया गया है।
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भारत में जल विद्युत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ते हुए, केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (सीईआरसी) ने नई तकनीक के परीक्षण के लिए पहली परियोजना का टैरिफ मंजूर कर दिया है। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) की इस 1 मेगावाट क्षमता वाली पायलट परियोजना के लिए आयोग ने 3.39 रुपये प्रति यूनिट का टैरिफ निर्धारित किया है।
इस अनुमोदन की विशेषता यह है कि सीईआरसी ने इसे केंद्रीय दिशानिर्देशों की कमी के बावजूद मंजूरी दे दी है। ऐसा माना जाता है कि यह निर्णय नई और उदीयमान जल विद्युत प्रौद्योगिकियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
हालांकि, आयोग के एक सदस्य ने इस अनुमोदन पर आपत्ति दर्ज की है। उन्होंने सीईआरसी के अधिकार क्षेत्र को लेकर मतभेद व्यक्त किया है, जिससे यह स्पष्ट है कि इस निर्णय पर आंतरिक मतभेद भी मौजूद हैं।
यह परियोजना भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए नई और अधिक दक्ष जल विद्युत प्रौद्योगिकियों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। आने वाले समय में इसी तरह की अन्य परियोजनाओं के लिए यह निर्णय एक मिसाल स्थापित कर सकता है।