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चंडीगढ़ के रेस्तरां में तमिल खाने की परंपरा अटूट, स्वाद में कोई समझौता नहीं
चंडीगढ़ के सेक्टर 46 में कार्तिक साउथ इंडियन रेस्तरां के संस्थापक गुणसेकरन पी ने अपने परंपरागत तमिल व्यंजनों की मूल रेसिपी को अक्षुण्ण रखने का संकल्प दिखाया है। स्थानीय स्वाद के अनुसार खाने में बदलाव की मांग के बाद भी वे अपने पारंपरिक तरीके पर दृढ़ रहे हैं।
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चंडीगढ़ के व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र में स्थित कार्तिक साउथ इंडियन रेस्तरां में खाने का अनुभव पूरी तरह तमिलनाडु की परंपरा को दर्शाता है। गुणसेकरन पी ने इस प्रतिष्ठान की स्थापना करते हुए संकल्प किया कि वे अपने मूल क्षेत्र की खाना पकाने की शैली में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे।
सांभार इस रेस्तरां की विशेषता है, जहां इसे परंपरागत तरीके से तैयार किया जाता है। उत्तर भारतीय बाजार में आने के बाद स्थानीय ग्राहकों की बदलती पसंद के अनुसार व्यंजनों में मिठास या अन्य परिवर्तन की मांग देखी जाती है, लेकिन इस रेस्तरां के मालिक ने अपने मूल नुस्खों से विचलित होने से इनकार कर दिया है।
गुणसेकरन का यह रुख खाद्य उद्योग में विरल है जहां अधिकांश व्यावसायी स्थानीय स्वाद के अनुसार समायोजन करते हैं। उनका मानना है कि तमिल खाने की प्रामाणिकता को बनाए रखना ही दीर्घकालीन सफलता की कुंजी है। इस दृष्टिकोण के कारण रेस्तरां को एक अलग पहचान मिली है और यह परंपरावादी खाने के प्रति अनुरागियों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बन गया है।