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शीर्ष प्रदर्शन करने वाले म्यूचुअल फंड्स का पीछा करना जोखिमभरा: विशेषज्ञ
निवेशकों को अन्य फंड्स के बेहतर रिटर्न देखकर जल्दबाजी में फैसले नहीं लेने चाहिए। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रिटर्न्स के अलावा अन्य कारकों पर ध्यान देना चाहिए।
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म्यूचुअल फंड्स में निवेश करते समय शीर्ष प्रदर्शन करने वाले फंड्स का पीछा करना एक महंगी गलती साबित हो सकती है। वित्तीय विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि किसी दूसरे फंड के उच्च रिटर्न्स देखकर अपने पोर्टफोलियो में बदलाव करना निवेशकों को नुकसान पहुंचा सकता है।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, निवेशकों को केवल पिछले प्रदर्शन के आधार पर निर्णय नहीं लेना चाहिए। फंड्स का प्रदर्शन बाजार के चक्रों और विभिन्न आर्थिक परिस्थितियों में बदलता रहता है। एक फंड जो एक वर्ष में शीर्ष प्रदर्शन करता है, वह अगले वर्ष मध्यम प्रदर्शन कर सकता है।
निवेशकों को फंड्स का मूल्यांकन करते समय दीर्घकालिक लक्ष्य, फंड मैनेजर की क्षमता, व्यय अनुपात और पोर्टफोलियो संरचना जैसे कारकों को ध्यान में रखना चाहिए। बार-बार फंड बदलने से लेन-देन की लागत बढ़ती है और कर देयता भी बढ़ सकती है।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशकों को एक सुविचारित निवेश रणनीति बनानी चाहिए और अल्पकालिक बाजार उतार-चढ़ाव से प्रभावित न होकर अपनी योजना पर दृढ़ रहना चाहिए। धैर्य और अनुशासन ही दीर्घकालीन संपत्ति निर्माण की कुंजी है।