World · India Bureau
रसायन क्षेत्र की Q1 की तेजी अल्पकालीन, कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से मुश्किल
ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि चुनिंदा कंपनियां लाभ पाती रहेंगी, लेकिन तीसरी तिमाही में अन्य कंपनियों के लिए मुनाफे की संभावनाएं घट सकती हैं।
LSN India ·

रसायन उद्योग की पहली तिमाही में दर्ज की गई तेज वृद्धि स्थायी नहीं रहने वाली, क्योंकि कच्चे माल की बढ़ती कीमतें आने वाली अवधि में मुनाफे पर दबाव डालेंगी। विश्लेषकों का अनुमान है कि यह चुनौती सभी खिलाड़ियों के लिए समान नहीं होगी।
शीर्ष ब्रोकरेज फर्मों के विश्लेषण के अनुसार, जिन कंपनियों के पास इनपुट लागत को नियंत्रित करने की क्षमता है, वे अपनी लाभप्रदता बनाए रखने में सक्षम रहेंगी। ये संस्थाएं आगामी महीनों में बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।
दूसरी ओर, जिन कंपनियों के पास मूल्य निर्धारण शक्ति सीमित है, उन्हें सितंबर तिमाही में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। कच्चे माल की महंगाई से बचाव के उपाय न होने से इन फर्मों के मार्जिन में गिरावट की संभावना बनी हुई है।
विश्लेषकों ने रेखांकित किया है कि रसायन क्षेत्र की दीर्घकालीन संभावनाएं सकारात्मक हैं, लेकिन निकट अवधि में वोलैटिलिटी की उम्मीद है। निवेशकों को ऐसी कंपनियों को चुनना चाहिए जिनके पास लागत दबाव को अवशोषित करने की क्षमता हो।