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तमिलनाडु रेत खनन घोटाले में ED की 2024 रिपोर्ट को चुनौती
चेन्नई के नागनल्लूर स्थित एक निजी निर्माण कंपनी के साथी ने मद्रास उच्च न्यायालय में ED की दो साल पुरानी रिपोर्ट के आधार पर DVAC द्वारा FIR दर्ज किए जाने को रोकने के लिए याचिका दायर की है।
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तमिलनाडु के रेत खनन घोटाले में एक नया मोड़ आ गया है जब चेन्नई के नागनल्लूर क्षेत्र में स्थित एक निजी निर्माण कंपany के साथी ने मद्रास उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। याचिकाकर्ता ने Enforcement Directorate (ED) की 2024 की एक संचार को चुनौती दी है, जिसके आधार पर राज्य की Directorate of Vigilance and Anti-Corruption (DVAC) एक आपराधिक मामला दर्ज करने की तैयारी कर रही है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि ED की रिपोर्ट दो साल पुरानी है और इस आधार पर FIR दर्ज किया जाना न्यायसंगत नहीं है।
यह याचिका रेत खनन से संबंधित व्यापक जांच के बीच दायर की गई है, जो तमिलनाडु में एक संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है। ED द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में संभवत: अवैध खनन गतिविधियों और संबंधित वित्तीय अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। इस मामले ने तमिलनाडु में प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और सरकारी एजेंसियों की भूमिका पर एक बार फिर ध्यान केंद्रित किया है।
मद्रास उच्च न्यायालय में दायर की गई याचिका अब अदालत के विचाराधीन है। DVAC को ED की इस रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने का अधिकार है या नहीं, यह कानूनी सवाल अब न्यायिक निर्णय का इंतजार कर रहा है। इस मामले का परिणाम तमिलनाडु में पर्यावरण संरक्षण और कानून प्रवर्तन से जुड़े अन्य मामलों पर भी असर डाल सकता है।