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चेन्नई निगम में विपक्षी दल एक साथ राज्य सरकार के खिलाफ
वार्ड विकास निधि जारी न होने को लेकर चेन्नई निगम परिषद में विभिन्न राजनीतिक दलों के पार्षद एकजुट हुए हैं। पार्षदों ने अगली परिषद बैठक से पहले इस्तीफा देने का संकेत दिया है।
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चेन्नई निगम परिषद में एक असामान्य गठबंधन देखने को मिला है, जहां विभिन्न राजनीतिक दलों के पार्षद वार्ड विकास निधि के संकट को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ एकजुट हो गए हैं। यह दुर्लभ एकता उस समय सामने आई है जब निगम के कई वार्डों को विकास कार्यों के लिए आवश्यक धनराशि नहीं मिल रही है।
वार्ड 141 के पार्षद ए. राज अनबाझगन ने कहा है कि यदि वार्ड विकास निधि जारी नहीं की गई तो पार्षदों को अगली परिषद बैठक से पहले इस्तीफा देने पर विचार करना चाहिए। उनका यह कदम निधि की कमी के कारण पार्षदों के बीच व्याप्त असंतोष को दर्शाता है।
यह स्थिति उस समय बनी है जब चेन्नई निगम को विभिन्न विकास परियोजनाओं को पूरा करने में बाधा का सामना करना पड़ रहा है। पार्षदों का मानना है कि निधि की कमी से उनके वार्डों में आवश्यक बुनियादी ढांचे का विकास प्रभावित हो रहा है।
इस मुद्दे को लेकर विभिन्न दलों का एक मंच साझा करना राजनीतिक गणना में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है, जहां विरोधी पक्ष के पार्षद भी सरकार की वित्तीय नीति पर सवाल उठा रहे हैं।