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चेन्नई में ग्रेनाइट व्यापारी वीरमणि पर POCSO केस में क्या आरोप हैं
चेन्नई के एक प्रभावशाली ग्रेनाइट कारोबारी पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस का आरोप है कि वह कई साल तक उपहार देकर बालिकाओं को फुसलाता और दुर्व्यवहार करता रहा।
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चेन्नई के तेयनम्पेट इलाके में एक बंगले के जरिए नाबालिग लड़कियों के साथ यौन दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कार्यवाही के अलावा, पीओसीएसओ (बालकों का यौन शोषण) अधिनियम के अंतर्गत भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
ग्रेनाइट उद्योग में प्रमुख नाम वाले इस व्यक्ति ने अपने किराए के मकान को अवैध कार्यों के लिए इस्तेमाल किया बताया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, लंबे समय की अवधि में कई नाबालिग लड़कियों को इसी बंगले में लाया गया। वहां उन्हें आकर्षक उपहार और तोहफों का लालच देकर लुभाया गया और यौन दुर्व्यवहार किया गया।
यह मामला सामाजिक सुरक्षा और बालकों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर प्रश्न उठाता है। इस तरह के आरोपों में पीओसीएसओ अधिनियम सर्वाधिक कठोर दंड का प्रावधान करता है। मामला अभी जांच के चरण में है और प्रभावित बालिकाओं के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
चेन्नई पुलिस के अधिकारियों ने आरोपी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यह घटना एक बार फिर से नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा और ऐसे अपराधों को रोकने के लिए कड़े कदमों की आवश्यकता को रेखांकित करती है।