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चेन्नई निगम विनायक मूर्तियों के विसर्जन के लिए नए स्थान तय
चेन्नई निगम ने पर्यावरण नियमों का पालन करते हुए लगभग 700 विनायक मूर्तियों के विसर्जन के लिए पट्टिनप्पक्कम और पलवक्कम के बजाय एन्नौर और कोवलम को नई जगह के रूप में नामित किया है। यह निर्णय तटीय नियमों के तहत प्रतिबंधित क्षेत्रों को लेकर हुई चर्चा के बाद लिया गया है।
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चेन्नई निगम ने गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए अपनी जल निकायों की सूची में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। पहले निर्धारित पट्टिनप्पक्कम और नीलंकरै क्षेत्रों को हटाकर इस कार्य के लिए अब एन्नौर और कोवलम क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इस परिवर्तन का कारण तटीय क्षेत्रों में पर्यावरणीय नियमों का कड़ाई से पालन करना है।
राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने पट्टिनप्पक्कम और नीलंकरै को तटीय विनियमन क्षेत्र श्रेणी-I के अंतर्गत वर्गीकृत किया है। इस श्रेणी में वाणिज्यिक गतिविधियों और जल विसर्जन पर सख्त प्रतिबंध होते हैं। चेन्नई निगम द्वारा किए गए व्यावहारिक अध्ययन में यह माना गया कि इन दोनों स्थानों को मूर्ति विसर्जन के लिए उपयोग करना संभव नहीं है।
एन्नौर और कोवलम को नई विसर्जन साइटों के रूप में चुना गया है क्योंकि ये स्थान तटीय संरक्षण नियमों के अनुरूप हैं। इस निर्णय से त्योहार के अवसर पर हजारों भक्तों को धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करने में आसानी होगी और साथ ही पर्यावरणीय मानदंडों का भी पालन सुनिश्चित होगा।
चेन्नई निगम का यह कदम धार्मिक परंपराओं और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने का एक प्रयास है। नगर निकाय आने वाले गणेश चतुर्थी उत्सव से पहले इन नई साइटों पर जरूरी बुनियादी ढांचा तैयार करने की योजना बना रहा है।