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तमिलनाडु में स्क्रब टाइफस से छात्र की मौत, सामान्य बुखार समझने का खतरा
अन्ना विश्वविद्यालय के एक 20 वर्षीय छात्र की स्क्रब टाइफस से जान चली गई। शुरुआती दिनों में सामान्य वायरल बुखार समझे जाने के कारण उपचार में देरी हुई।
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तमिलनाडु के चेन्नई स्थित अन्ना विश्वविद्यालय परिसर में एक छात्र की स्क्रब टाइफस नामक संक्रामक रोग से मृत्यु हुई है। 20 वर्षीय पीड़ित को शुरुआत में तेज बुखार आया था जिसे परिवार ने सामान्य वायरल संक्रमण समझा। चार दिन बाद जब स्थिति गंभीर हुई तो छात्र को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन तब तक बीमारी अपने गंभीर चरण में पहुंच चुकी थी।
स्क्रब टाइफस एक जीवाणु जनित रोग है जो संक्रमित घुन के काटने से फैलता है। यह रोग ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी बैक्टीरिया द्वारा होता है और मुख्यतः घास और झाड़ियों वाले क्षेत्रों में पाया जाता है। दक्षिण एवं दक्षिण-पूर्व एशिया में यह रोग सार्वजनिक स्वास्थ्य की एक बढ़ती समस्या बन गई है।
स्क्रब टाइफस के लक्षण सामान्य बुखार जैसे ही होते हैं, जिससे निदान में कठिनाई होती है। तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और ठंड लगना इसके प्रमुख लक्षण हैं। यदि समय पर एंटीबायोटिक्स से उपचार न किया जाए तो यह रोग गंभीर अंग क्षति और मृत्यु का कारण बन सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस घटना के बाद सामान्य लोगों और चिकित्सकों को स्क्रब टाइफस के प्रति सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। रोग नियंत्रण के लिए घास-झाड़ियों वाले क्षेत्रों में जाते समय सुरक्षात्मक कपड़े पहनना और कीटनाशकों का प्रयोग करना सुझाया जा रहा है। बुखार तीन दिन से अधिक बने रहने की स्थिति में तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक है।