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चेरनोबिल के त्यक्त क्षेत्र में प्रेज़वालस्की घोड़ों की आबादी बढ़ी
चेरनोबिल विस्फोट के बाद परित्यक्त रेडियोधर्मी इलाके में एक विलुप्त प्रजाति को नया जीवन मिला। 1998 में शुरू की गई परियोजना में 31 घोड़ों से संख्या बढ़कर 2018 तक 137 हो गई।
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विश्व में विलुप्त हो चुकी प्रेज़वालस्की घोड़ों की प्रजाति को चेरनोबिल के रेडियोधर्मी इलाके में एक आश्रय स्थल मिल गया। यूक्रेन के इस परित्यक्त क्षेत्र में 1998-99 के दौरान पहली बार 31 घोड़ों को लाया गया था।
इन घोड़ों की यह यात्रा सरल नहीं रही। परिवहन के दौरान कुछ घोड़ों की मृत्यु हुई और अवैध शिकार का भी सामना करना पड़ा। इसके बावजूद, चेरनोबिल क्षेत्र में यह प्रजाति पनपती रही और प्रजनन में सफल रही।
2018 तक यूक्रेन के हिस्से में इन घोड़ों की संख्या बढ़कर 137 तक पहुंच गई। इसके अलावा, इस प्रजाति की अन्य आबादी बेलारूस की सीमावर्ती क्षेत्रों में भी स्थापित हुई है।
इस परियोजना ने साबित किया कि मानवीय हस्तक्षेप से प्रभावित क्षेत्र भी विलुप्त प्रजातियों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। विकिरण से भरे इस इलाके ने अप्रत्याशित रूप से एक महत्वपूर्ण संरक्षण आश्रय का काम किया है।