World · India Bureau
आज नरक चतुर्दशी: छोटी दिवाली पर जानें पूजा का सही समय
7 नवंबर को मनाई जा रही छोटी दिवाली पर भक्त नरकासुर वध की पौराणिक कथा को याद करेंगे। इस दिन अभ्यंग स्नान और यम दीपदान की पारंपरिक विधि का विशेष महत्व है।
LSN India ·

नरक चतुर्दशी, जिसे छोटी दिवाली के नाम से भी जाना जाता है, आज पूरे भारत में धूमधाम से मनाई जा रही है। दिवाली से दो दिन पहले आने वाले इस त्योहार का संबंध भगवान श्रीकृष्ण द्वारा नरकासुर नामक राक्षस के वध से जुड़ा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन कृष्ण ने धरती को नरकासुर के आतंक से मुक्त किया था।
छोटी दिवाली पर अभ्यंग स्नान की परंपरा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। भक्त इस दिन तेल से अभ्यंग करके नहा-धोकर पवित्र माने जाते हैं। माना जाता है कि इस विधि से मन और शरीर दोनों की शुद्धि होती है। इसके अलावा, घरों में दीपक जलाने की परंपरा भी इसी दिन से शुरू हो जाती है।
यम दीपदान इस त्योहार की एक महत्वपूर्ण परंपरा है, जिसमें घर की दक्षिण दिशा में दीपक प्रज्ज्वलित किए जाते हैं। यह प्रथा मृत्यु के देवता यम को समर्पित मानी जाती है और इसे बुराइयों पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक विधि के अनुसार, इन दीपों को रात भर जलाए रखने की परंपरा है।
इस वर्ष छोटी दिवाली का पालन मुहूर्त के अनुसार किया जा रहा है और भक्त पूरे विधि-विधान के साथ इस पवित्र दिन को मना रहे हैं। दिवाली से पहले मनाई जाने वाली इस परंपरा को भारतीय संस्कृति में विशेष स्थान प्राप्त है।