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परीक्षा विधेयक 'बेकार': चिदंबरम ने संसद में बहस न होने की आलोचना की
कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने मानसून सत्र के बाद कहा कि संसद में पारित किए गए विधेयक बिना किसी बहस-मुबाहिसे के पास किए जा रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर परीक्षा में अनुचित साधनों को रोकने वाले विधेयक को 'निरर्थक' बताया।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने शनिवार को संसद के मानसून सत्र के बाद आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी की आलोचना करते हुए कहा कि हाल ही में पारित परीक्षा विधेयक 'बेकार' है। चिदंबरम ने महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में प्रतिदिन परीक्षाएं रद्द किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह विधेयक परीक्षाओं में अनुचित साधनों को रोकने में सक्षम नहीं है।
चिदंबरम ने संसद में विधायी प्रक्रिया पर तीव्र प्रहार किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कई विधेयक पारित होने का दावा करती है, लेकिन वास्तव में ये सभी 'निरर्थक विधेयक' हैं जो किसी वास्तविक बहस के बिना ही पास हो जाते हैं।
तमिलनाडु विधानसभा के साथ तुलना करते हुए चिदंबरम ने कहा कि वहां मंत्री, विपक्ष के नेता, उप-नेता और सभी सदस्य बोलते हैं और अध्यक्ष नियम सुनाते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य विधानसभा का सदस्य बनना संसद का सदस्य बनने से कहीं बेहतर है।
चिदंबरम के अनुसार, संसद में ऐसी कोई बहस नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता को बोलने की अनुमति नहीं दी जाती, मंत्री प्रश्नों का उत्तर नहीं देते, सदस्यों को बोलने का मौका नहीं मिलता, और अध्यक्ष सभी को बैठने के लिए कहकर कोई निर्णय दिए बिना ही कार्यवाही समाप्त कर देते हैं।