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दक्षिण दिल्ली में हॉस्टल ढहने पर जवाबदेही की मांग, CJP सवाल उठाते हैं
दिल्ली के मुख्य न्यायाधीश ने दक्षिण दिल्ली में हॉस्टल की ढहन की घटना पर जवाबदेही की मांग की है। अभिजीत दिपके ने विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित बुनियादी ढांचे और गरिमापूर्ण जीवन स्थितियों की आवश्यकता पर जोर दिया है।
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दक्षिण दिल्ली में हॉस्टल की दुर्घटना के मामले में देश के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने सरकार से जवाबदेही की कड़ी मांग की है। अभिजीत दिपके ने सवाल उठाया है कि विद्यार्थियों को कितने समय तक बदहाल बुनियादी ढांचे की कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने इस घटना को गंभीर चिंता का विषय बताया है जो शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है।
मुख्य न्यायाधीश ने जोर देते हुए कहा है कि छात्रावास, कक्षाएं और अन्य बुनियादी सुविधाएं छात्रों के लिए पूरी तरह सुरक्षित होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा है कि शिक्षा के अधिकार के साथ सुरक्षित और गरिमापूर्ण रहने की व्यवस्था भी सरकार की जिम्मेदारी है। दिपके की टिप्पणी शिक्षा संस्थानों में बुनियादी ढांचे की स्थिति के बारे में बढ़ती चिंताओं को दर्शाती है।
इस घटना के बाद अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या देश के विभिन्न शिक्षा केंद्रों में इसी तरह की समस्याएं और भी हो सकती हैं। न्यायालय की ओर से की गई टिप्पणी से यह स्पष्ट होता है कि शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था तत्काल सुधार की आवश्यकता है। अधिकारियों को विद्यार्थियों के जीवन की सुरक्षा को लेकर गंभीरता दिखानी होगी।