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चिली के तटीय इलाकों में कोहरे से हर साल 6.5 लाख लीटर पानी का संचयन
चिली के एक समुदाय ने तटीय कोहरे को पकड़कर पेयजल का एक नायाब स्रोत विकसित किया है। यह पद्धति प्रतिवर्ष 6.5 लाख लीटर तक पानी का संग्रह करने में सफल रही है।
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चिली के तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले एक समुदाय ने जल संकट से निपटने के लिए एक अनोखी विधि अपनाई है। वे समुद्र से आने वाली कोहरे की बूंदों को विशेष जाल और संरचनाओं के माध्यम से पकड़कर पेयजल में परिवर्तित कर रहे हैं। इस पद्धति के जरिए स्थानीय समुदाय सालाना लगभग 6.5 लाख लीटर तक पानी का संचयन करने में सक्षम हुआ है।
यह तकनीक उन क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित हुई है जहां पारंपरिक जल संसाधन सीमित हैं। कोहरे से पानी संग्रहित करने की प्रणाली सरल किंतु प्रभावी है, जिसमें बारीक जाल का उपयोग करके वायुमंडल से नमी को अलग किया जाता है। संचित जल को फिल्ट्रेशन प्रक्रिया के माध्यम से शुद्ध किया जाता है।
इस पहल से स्थानीय निवासियों को न केवल जल की आपूर्ति में मदद मिली है बल्कि इसने जल संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उदाहरण स्थापित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विधि अन्य समान जलवायु परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में भी लागू की जा सकती है।
जल की बढ़ती कमी के इस दौर में ऐसी नवीन तकनीकें विकासशील देशों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं। चिली के इस प्रयोग से पता चलता है कि स्थानीय समुदाय कैसे परंपरागत ज्ञान और आधुनिक तरीकों को मिलाकर सतत समाधान खोज सकते हैं।