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लद्दाख में रणनीतिक स्थानों के नामकरण पर चीन का विरोध
चीन ने भारत द्वारा लद्दाख में 28 रणनीतिक स्थानों के नामकरण के कदम का विरोध किया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि चीन ने लद्दाख को भारत का केंद्रशासित प्रदेश मानने से इनकार किया है।
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बीजिंग में आयोजित एक मीडिया ब्रीफिंग में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने भारत के इस कदम पर तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि चीन ने कभी भी भारत द्वारा एकतरफा और अवैध तरीके से स्थापित किए गए लद्दाख के केंद्रशासित प्रदेश को स्वीकार नहीं किया है।
चीनी पक्ष की यह टिप्पणी भारत द्वारा लद्दाख में रणनीतिक महत्व के 28 स्थानों को नाम देने के निर्णय के बाद आई है। यह क्षेत्र लंबे समय से भारत और चीन के बीच सीमा विवाद का केंद्र बना हुआ है।
भारत ने अगस्त 2019 में लद्दाख को एक अलग केंद्रशासित प्रदेश के रूप में स्थापित किया था। हालांकि, चीन समेत कई देशों ने इसे लेकर अपनी असहमति प्रकट की है। चीन का मानना है कि लद्दाख का एक बड़ा हिस्सा उसके नियंत्रण में है।
द्विपक्षीय संबंधों में तनाव के इस दौर में चीन की यह नई प्रतिक्रिया दोनों देशों के बीच मतभेद को और गहरा करती है। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर पिछले वर्षों में कई घटनाएं हुई हैं।