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अमेरिकी प्रतिबंध विधेयक को चीन की कड़ी नापसंदगी, अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया

चीन ने अमेरिकी 'लंबी पहुंच' वाले अधिकार क्षेत्र का विरोध किया है, जिसका उपयोग रूसी तेल और गैस खरीद पर प्रतिबंध लगाने के लिए किया जा रहा है। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि सामान्य आर्थिक सहयोग तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप के अधीन नहीं होना चाहिए।

LSN India · 17 September 2026

अमेरिकी प्रतिबंध विधेयक को चीन की कड़ी नापसंदगी, अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया

चीन ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अनुमति के बिना लागू किए जाने वाले अमेरिकी प्रतिबंध विधेयक का कड़ा विरोध किया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने मीडिया ब्रीफिंग में स्पष्ट किया कि बीजिंग किसी भी ऐसे कदम का विरोध करता है जिसमें अंतरराष्ट्रीय कानून का आधार न हो और जो यूएन सुरक्षा परिषद द्वारा अधिकृत न हो।

अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने हाल ही में लिंडसे ग्राहम द्वारा प्रस्तावित एक विधेयक पारित किया है जो राष्ट्रपति ट्रम्प को रूस के खिलाफ प्रतिबंध और भारत व चीन जैसे प्रमुख व्यापारिक साझेदारों पर कड़े टैरिफ लगाने का अधिकार देता है। चीन का मानना है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करता है।

चीनी प्रवक्ता ने कहा कि बीजिंग समानता और पारस्परिक लाभ के आधार पर विश्व के साथ सामान्य आर्थिक और व्यापारिक सहयोग करता है। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी देश की आंतरिक नीतियों को तीसरे पक्ष के दबाव या हस्तक्षेप के अधीन नहीं होना चाहिए। चीन का रुख यह है कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय के लिए यूएन सुरक्षा परिषद की मंजूरी आवश्यक है।