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चीन में कर नीति के कारण लक्जरी सामान की बिक्री में गिरावट
चीन में आयकर संबंधी कठोर नीतियों के कारण विलासितापूर्ण सामानों की खरीद में भारी गिरावट आई है। जुलाई माह में शीर्ष 25 लक्जरी ब्रांडों की बिक्री 10 प्रतिशत से अधिक घट गई है।
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चीन में सरकारी आयकर नीति के कसाव के बाद अमीर उपभोक्ताओं का विलासवान वस्तुओं पर खर्च कम हुआ है। तीन अंतरराष्ट्रीय शोध संस्थानों द्वारा एकत्र किए गए आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में देश के 25 सबसे बड़े लक्जरी ब्रांडों की बिक्री में 10 प्रतिशत से अधिक की कमी देखी गई है।
चीन की केंद्रीय सरकार ने हाल के महीनों में संपन्न नागरिकों पर कर नियमों को कड़ा किया है, जिससे उच्च आय वर्ग के लोगों की क्रय क्षमता प्रभावित हुई है। इस नीति के चलते विदेशी और स्थानीय दोनों लक्जरी ब्रांडों को बाजार में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बिक्री में गिरावट अल्पकालिक प्रवृत्ति हो सकती है, किंतु यदि कर संबंधी नियम कठोर बने रहते हैं तो आने वाले महीनों में लक्जरी खंड को और अधिक प्रभाव झेलना पड़ सकता है। चीन विश्व के सबसे बड़े लक्जरी सामान बाजारों में से एक है, इसलिए यह विकास वैश्विक लक्जरी ब्रांडों के लिए महत्वपूर्ण है।
अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि सरकार की यह नीति सामाजिक असमानता को कम करने और राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से लागू की गई है। आने वाले समय में यह देखना होगा कि लक्जरी उद्योग इस मंदी से कैसे उबरता है और उपभोक्ता व्यवहार में कोई स्थायी परिवर्तन आता है या नहीं।