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चीन में रेगिस्तान रोकने के लिए लगाए गए पेड़ों से जल संकट
चीन की महत्वाकांक्षी वनरोपण परियोजना रेगिस्तान विस्तार को रोकने में तो सफल रही, लेकिन इससे देश के जल संसाधनों पर भारी दबाव पड़ रहा है।
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चीन में दशकों से चलाई जा रही बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण योजना, जिसे मरुस्थलीकरण को रोकने के लिए शुरू किया गया था, अब जल आपूर्ति के संकट का कारण बन गई है। इस परियोजना के तहत लगाए गए लाखों पेड़ों को बढ़ने और संरक्षित रहने के लिए बड़ी मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है, जिससे भूजल स्तर में गिरावट आ रही है।
चीन के उत्तरी और पश्चिमी क्षेत्रों में जहां रेगिस्तान का विस्तार तेजी से हो रहा था, वहां सरकार ने वन बहाली कार्यक्रम लागू किए। इन योजनाओं ने मिट्टी के क्षरण और बालू के तूफानों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि, पर्यावरणीय लाभ के साथ-साथ ये कार्यक्रम स्थानीय जल संसाधनों पर भारी चाप डाल रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन क्षेत्रों में पहले से ही जल की कमी है और बड़े पैमाने पर वनरोपण इस समस्या को और गंभीर बना रहा है। कई इलाकों में भूजल तालिका में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे कृषि और स्थानीय समुदायों के लिए गंभीर चुनौतियां पैदा हो रही हैं।
चीनी नीति निर्माता अब अधिक टिकाऊ तरीकों की ओर ध्यान दे रहे हैं, जिनमें सूखा-सहिष्णु पेड़ों का रोपण और जल संचयन तकनीकें शामिल हैं। यह मामला पर्यावरणीय संरक्षण और संसाधन प्रबंधन के बीच संतुलन बनाने की चुनौती को उजागर करता है।