Technology · India Bureau
AI विवाद के बावजूद चीन अमेरिका से बातचीत के लिए तैयार
कृत्रिम बुद्धिमत्ता मॉडलों की चोरी के आरोपों के बीच चीन अमेरिका के साथ AI पर वार्ता करने को तैयार है। ट्रम्प प्रशासन और अमेरिकी टेक कंपनियां चीनी फर्मों पर अवैध तरीकों से यूएस मॉडलों से डेटा निकालने का आरोप लगा रही हैं।
LSN India ·
चीन अमेरिका के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के मुद्दों पर संवाद के लिए इच्छुक है, बावजूद इसके कि दोनों देशों के बीच मॉडलों की सुरक्षा को लेकर गंभीर विवाद चल रहे हैं। यह रुख चीन की ओर से एक महत्वपूर्ण संकेत है जो दोनों तकनीकी महाशक्तियों के बीच बढ़ते तनाव को कम करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
अमेरिकी प्रशासन और ओपनएआई तथा एंथ्रोपिक जैसी प्रमुख एआई कंपनियां चीनी कंपनियों पर एक विशेष तकनीक का इस्तेमाल करके अमेरिकी एआई मॉडलों से चोरी करने का आरोप लगा रही हैं। इन कंपनियों का दावा है कि चीनी फर्मों ने अवैध तरीकों से यूएस के विकसित मॉडलों की जानकारी प्राप्त की है और उन्हें अपने लाभ के लिए इस्तेमाल किया है।
यह मामला तकनीकी बौद्धिक संपत्ति की सुरक्षा और वैश्विक एआई प्रतिযोगिता में आने वाले समय में मुख्य विवाद बनने वाला है। दोनों देश अब इस क्षेत्र में अपने हितों की रक्षा के लिए और नियमों को तय करने के लिए बातचीत के लिए तैयार दिख रहे हैं।
चीन की यह सकारात्मक रुख भविष्य में टेक क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं को इंगित करता है, हालांकि अभी दोनों पक्षों के बीच गहरे मतभेद हैं। एआई प्रौद्योगिकी को लेकर भारत सहित अन्य एशियाई देश भी अपने नियामक ढांचे तैयार करने में लगे हैं।