Business · India Bureau
चीनी एयरलाइंस को नुकसान: ईंधन महंगाई और कमजोर किराया दरें तीसरी तिमाही में मार
चीन की प्रमुख एयरलाइंस कंपनियां जेट ईंधन की बढ़ती कीमतों और घरेलू बाजार में कमजोर प्रतिस्पर्धा के कारण गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रही हैं। एयर चाइना और चाइना ईस्टर्न महामारी के बाद से सातवीं लगातार वार्षिक हानि की घोषणा करने की राह पर हैं।
LSN India ·

चीन की प्रमुख एयरलाइंस कंपनियां तीसरी तिमाही में ऑपरेशनल चुनौतियों का सामना कर रही हैं, जिससे उनके लाभ मार्जिन में उल्लेखनीय गिरावट आई है। जेट ईंधन की बढ़ती कीमतें एवं घरेलू उड़ान बाजार में कमजोर किराया दरें इन वित्तीय कठिनाइयों के मुख्य कारण माने जा रहे हैं।
एयर चाइना और चाइना ईस्टर्न कंपनियां महामारी की शुरुआत के बाद से सातवीं लगातार वार्षिक नुकसान की रिपोर्ट करने की स्थिति में पहुंच गई हैं। चाइना साउदर्न एयरलाइंस, जो पिछली अवधि में अल्पकालिक लाभजनकता हासिल करने में सफल रही थी, वह भी इस बार फिर से घाटे की ओर लौटने की राह पर दिखाई दे रही है।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, बढ़ी हुई परिचालन लागतों के कारण चौथी तिमाही भी चीनी एयरलाइंस के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होने की संभावना है। ईंधन मूल्य और किराया प्रतिस्पर्धा से संबंधित दबाव आने वाली अवधि में भी बने रहने की संभावना है।
इस कठिन आर्थिक परिस्थिति का असर शेयर बाजार पर भी स्पष्ट दिख रहा है, जहां इन एयरलाइंस के शेयर मूल्य वर्ष भर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज कर रहे हैं। चीन की एयरलाइंस इंडस्ट्री के लिए यह अवधि विशेष रूप से परीक्षा की घड़ी साबित हो रही है।