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चीनी पुर्जों से हूती आतंकवादियों को मिल रहा इजरायल-सऊदी अरब पर हमले की ताकत
खुफिया रिपोर्टों में उजागर हुआ कि हूती विद्रोहियों को ड्रोन और मिसाइल बनाने के लिए चीन से आयातित इलेक्ट्रॉनिक पुर्जे मिल रहे हैं। इन हथियारों का इस्तेमाल यमन-आधारित समूह इजरायल और सऊदी अरब को निशाना बनाने में कर रहे हैं।
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हूती विद्रोहियों की सैन्य क्षमता में तेजी से इजाफा इलेक्ट्रॉनिक घटकों की चीन से आपूर्ति के कारण हो रहा है। अमेरिकी और खाड़ी देशों की खुफिया एजेंसियों के अनुसार, ये पुर्जे हूतियों को परिष्कृत ड्रोन और क्रूज मिसाइलें विकसित करने में मदद दे रहे हैं।
इजरायल-गाजा युद्ध के दौरान हूतियों ने इजरायली शहरों और आसपास के क्षेत्रों में कई हमले किए हैं। साथ ही सऊदी अरब के तेल और शिपिंग लक्ष्यों पर भी हमले किए गए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि चीनी तकनीक के बिना यमन-आधारित यह समूह इतनी परिष्कृत हथियार प्रणाली विकसित नहीं कर सकता था।
पश्चिमी देशों के नीति निर्माताओं ने चीन से इन निर्यातों पर रोक लगाने की मांग की है, लेकिन बीजिंग इन आरोपों का खंडन करता रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि हूतियों को मिलने वाली तकनीकी सहायता इस क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव को और बढ़ा रही है।
खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा की चिंता बढ़ते हुए, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ड्रोन और मिसाइल प्रौद्योलॉजी के प्रसार को रोकने के लिए दबाव डाल रहा है। क्षेत्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि इस संकट का समाधान बहुपक्षीय प्रयासों से ही संभव है।