World · India Bureau
चीन में अमीर परिवार भेज रहे बच्चों को मजदूरी शिविर में
चीन में एक नया ट्रेंड सामने आया है जहां संपन्न परिवारों के माता-पिता अपने बच्चों को विशेष ग्रीष्मकालीन शिविरों में भेज रहे हैं। ये शिविर बच्चों को आराम और सुविधाओं से दूर रखकर कठोर परिश्रम और आत्मनिर्भरता सिखाते हैं।
LSN India ·

चीन में संपन्न परिवारों के लिए एक अलग तरह का ग्रीष्मकालीन शिविर बेहद लोकप्रिय हो गया है। इन शिविरों में भाग लेने वाले बच्चों को घर की सभी सुविधाएं छोड़कर खेतों में काम करने, शारीरिक श्रम करने और रोजमर्रा की चुनौतियों का सामना करने के लिए भेजा जाता है। शिविर का उद्देश्य युवा पीढ़ी को जमीनी वास्तविकता से रूबरू कराना और आत्मनिर्भरता सिखाना है।
ये शिविर विलासिता से परे एक अलग अनुभव प्रदान करते हैं। बच्चों को कृषि कार्य, सफाई-सफाई और अन्य श्रमसाध्य कार्यों में लगाया जाता है। कई माता-पिता मानते हैं कि ऐसा अनुभव उनके बच्चों को अनुशासन, कड़ी मेहनत और जीवन कौशल सिखाने के लिए जरूरी है।
शिविरों की फीस बेहद अधिक है, जो लाखों रुपये तक पहुंचती है। इसके बावजूद संपन्न परिवारों की ओर से इन शिविरों में भारी मांग देखी जा रही है। माता-पिता अपने बच्चों को विशेषाधिकार की जिंदगी से निकालकर व्यावहारिक शिक्षा देना चाहते हैं।
यह प्रवृत्ति चीन में बढ़ती है क्योंकि कई परिवार अपने एकमात्र बच्चों को अत्यधिक लाड़-प्यार में पालते हैं। शिविरों के माध्यम से माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे सामाजिक जिम्मेदारी समझें और जीवन में सफल होने के लिए आवश्यक कौशल विकसित करें।