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बाल विवाह उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक: चित्तूर कलेक्टर
चित्तूर जिले के कलेक्टर सुमित कुमार ने बाल विवाह की प्रथा को समाप्त करने के लिए सभी वर्गों से सामूहिक कार्रवाई की अपील की है। उन्होंने कक्षा छह से ही छात्रों को बाल विवाह के कुप्रभाव, कानूनी पहलुओं और सहायता तंत्र के बारे में जागरूक करने पर जोर दिया।
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चित्तूर के जिला प्रशासन ने बाल विवाह उन्मूलन को लेकर एक ठोस रुख अपनाया है। कलेक्टर सुमित कुमार ने कहा कि इस सामाजिक कुरीति को खत्म करने के लिए सरकार, समाज, शिक्षा संस्थानों और परिवारों को मिलकर काम करना होगा।
कलेक्टर ने जोर देते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में कक्षा छह से ही छात्रों को बाल विवाह के विरुद्ध संवेदनशील बनाया जाना चाहिए। इसके लिए उन्हें इस प्रथा के स्वास्थ्य, सामाजिक और आर्थिक नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी जानी चाहिए। साथ ही, बाल विवाह से संबंधित कानूनों और उपलब्ध सहायता तंत्र की भी समझ विकसित करना आवश्यक है।
प्रशासन का मानना है कि जागरूकता अभियान और शिक्षा के माध्यम से ही लंबे समय में इस समस्या का समाधान संभव है। सुमित कुमार ने इस दिशा में समुदाय के नेताओं, शिक्षकों और माता-पिता की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
यह कदम भारत सरकार की बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। चित्तूर जिले में इस तरह की व्यापक जागरूकता पहल आने वाले समय में बाल विवाह के मामलों में कमी लाने में सहायक साबित हो सकती है।