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नरक चतुर्दशी: छोटी दिवाली का पौराणिक महत्व और कथा

छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान कृष्ण ने राक्षस नरकासुर का वध कर हजारों कन्याओं को मुक्त कराया था।

LSN India · 7 November 2026

नरक चतुर्दशी: छोटी दिवाली का पौराणिक महत्व और कथा

दिवाली पर्व से दो दिन पहले मनाई जाने वाली छोटी दिवाली का संबंध प्राचीन हिंदू पौराणिक कथाओं से है। इस दिन को नरक चतुर्दशी के रूप में मनाया जाता है, जिसका अर्थ है नरक का विनाश। हिंदू धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने दुष्ट राक्षस नरकासुर का वध किया था।

कथा के अनुसार, नरकासुर एक शक्तिशाली राक्षस था जो मथुरा के आसपास के क्षेत्रों में आतंक फैलाता था। उसने 16,000 कन्याओं को अपने कैद में रखा हुआ था। भगवान कृष्ण ने इस अत्याचारी राक्षस से युद्ध किया और उसे परास्त किया। इसके बाद कृष्ण ने सभी कन्याओं को नरकासुर की कैद से मुक्त कराया।

इसी विजय की खुशी में नरक चतुर्दशी मनाई जाती है। इस दिन लोग तेल से स्नान करते हैं, दीप जलाते हैं और पारंपरिक पूजा-पाठ का आयोजन करते हैं। माना जाता है कि इस दिन बुराई पर अच्छाई की जीत होती है। कई क्षेत्रों में इसे छोटी दिवाली भी कहा जाता है क्योंकि यह मुख्य दिवाली से पहले मनाई जाती है।

2026 में छोटी दिवाली की तारीख और मुहूर्त के लिए पंचांग परामर्श आवश्यक है। इस पर्व को देशभर में भक्तिभाव के साथ मनाया जाता है और इसे आध्यात्मिक महत्व का दिन माना जाता है।