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सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में यौन उत्पीड़न नीति पालन पर CIC का फैसला
केंद्रीय सूचना आयोग ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में यौन उत्पीड़न विरोधी नीति (POSH) के अनुपालन संबंधी एक RTI अपील को न्यायसंगत सुनवाई के लिए वापस भेजा है। आयोग ने कहा है कि मामले की पारदर्शिता के साथ जांच आवश्यक है।
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केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (निवारण, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 के अनुपालन से जुड़ी एक सूचना का अधिकार (RTI) अपील को लौटाया है। आयोग ने राय दी कि मामले को आगे की कार्यवाही के लिए उचित सुनवाई की आवश्यकता है।
CIC के इस निर्णय का अर्थ है कि संबंधित बैंकों को POSH नीतियों के क्रियान्वयन संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान करनी होगी। आयोग ने कहा कि सरकारी बैंकों को पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए कर्मचारियों की सुरक्षा संबंधी नीतियों की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।
यह निर्णय कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकारी संस्थाओं की जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। CIC के अनुसार, POSH अधिनियम के तहत बैंकों को अपनी नीतियां और उनके कार्यान्वयन की प्रक्रिया सार्वजनिक रूप से साझा करनी चाहिए।
प्रकरण अब इसी तरह की अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों के लिए एक मिसाल स्थापित कर सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि सूचना का अधिकार अधिनियम के माध्यम से कार्यस्थल सुरक्षा संबंधी जवाबदेही को मजबूत करना आवश्यक है।