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कोयला गैसीकरण से यूरिया उत्पादन का पायलट प्रोजेक्ट: CIL और HURL का समझौता
कोल इंडिया लिमिटेड और हिंदुस्तान यूरवरक एंड रसायन लिमिटेड ने झारखंड के सिंदरी में कोयला गैसीकरण आधारित यूरिया उत्पादन की संभावना तलाशने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
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राष्ट्रीय स्वामित्व वाली कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) ने मंगलवार को घोषणा की कि उसने हिंदुस्तान यूरवरक एंड रसायन लिमिटेड (HURL) के साथ एक गैर-बाध्यकारी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य झारखंड के सिंदरी में कोयला गैसीकरण के माध्यम से उत्पादित सिनगैस से यूरिया के उत्पादन की व्यवहार्यता की जांच करना है।
यह पहल केंद्र सरकार की कोयला गैसीकरण को बढ़ावा देने और उर्वरक उत्पादन के लिए आयातित प्राकृतिक गैस एवं अन्य कच्चे माल पर निर्भरता को कम करने की नीति के अनुरूप है। CIL ने बीएसई में दाखिल किए गए एक पत्र में कहा कि दोनों कंपनियों ने 29 सितंबर 2026 को इस परियोजना की खोज-बीन के लिए समझौता किया है।
इस समझौते के तहत, प्रारंभिक चरण में परियोजना के तकनीकी, वाणिज्यिक और कार्यान्वयन संबंधी पहलुओं की जांच की जाएगी। साथ ही, एक प्रारंभिक व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार की जाएगी जो परियोजना की व्यावहारिकता का आकलन करेगी।
कोयला गैसीकरण प्रक्रिया को पारंपरिक कोयला दहन की तुलना में अधिक पर्यावरण-अनुकूल माना जाता है। यह तकनीक भारत के आत्मनिर्भरता लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, खासकर उर्वरक क्षेत्र में जहां भारत आयातित कच्चे माल पर काफी हद तक निर्भर है।