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संवेदनशील ड्यूटी पर CISF कर्मियों का मानसिक परीक्षण अनिवार्य
केंद्रीय अर्धसैनिक बल संवेदनशील कार्यों में तैनात कर्मियों की मानसिक स्थिति का आकलन करेगा। चिकित्सा अधिकारियों और यूनिट कमांडरों को तनाव और व्यवहार संबंधी समस्याओं की पहचान के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
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केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने संवेदनशील ड्यूटी पर कार्यरत कर्मियों के लिए मनोवैज्ञानिक परीक्षण (साइकोमेट्रिक असेसमेंट) को अनिवार्य बनाने का निर्णय लिया है। यह कदम बल के कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया है।
इस प्रक्रिया के तहत CISF के चिकित्सा अधिकारियों और यूनिट कमांडरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन अधिकारियों को कर्मियों में व्यवहार संबंधी बदलाव, तीव्र तनाव के संकेत और मनोरोग संबंधी आपातकालीन स्थितियों की शीघ्र पहचान करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
संवेदनशील ड्यूटियों में आमतौर पर महत्वपूर्ण सुरक्षा संबंधी कार्य, आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन और उच्च जोखिम वाली गश्त शामिल होती हैं। इन कार्यों की मांग को देखते हुए, कर्मियों की मानसिक स्वास्थ्य जांच करना बल के लिए प्राथमिकता बन गया है।
इस व्यापक दृष्टिकोण से न केवल कर्मियों का कल्याण सुनिश्चित होगा, बल्कि संचालन की प्रभावशीलता भी बढ़ेगी। CISF का यह कदम अन्य अर्धसैनिक बलों के लिए भी एक सकारात्मक उदाहरण स्थापित कर सकता है।