LSN News › India

Culture & Entertainment · India Bureau

महाराष्ट्र धर्म परिवर्तन कानून को नागरिक समाज का विरोध

नागरिक समाज संगठनों ने महाराष्ट्र फ्रीडम ऑफ रिलिजन एक्ट 2026 के प्रावधानों को संविधानिक स्वतंत्रताओं के लिए खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि पूर्व सूचना और पुलिस निगरानी की शर्तें व्यक्तिगत विश्वास और निजी चुनाव पर राज्य का अनुचित नियंत्रण स्थापित करेंगी।

LSN India · 25 August 2026

महाराष्ट्र धर्म परिवर्तन कानून को नागरिक समाज का विरोध

महाराष्ट्र में प्रस्तावित धर्म परिवर्तन कानून को लेकर नागरिक समाज संगठनों का विरोध तेज हो गया है। संयुक्त रूप से जारी विरोध पत्र में इन समूहों ने कहा कि कानून के कई प्रावधान संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं।

समूहों का तर्क है कि धर्म परिवर्तन से पहले पूर्व सूचना देने, औपचारिक घोषणा करने और पुलिस की जांच के दायरे में आने की आवश्यकता व्यक्तिगत मामलों में राज्य की अनुचित दखल को बढ़ावा देगी। इन प्रावधानों के कारण धार्मिक विश्वास, विवाह और व्यक्तिगत निर्णय जैसे संवेदनशील विषय सरकारी निगरानी का विषय बन सकते हैं।

विरोधकारियों के अनुसार, यह कानून व्यक्तिगत स्वतंत्रता, धर्म की स्वतंत्रता और निजता के अधिकार जैसे संवैधानिक गारंटियों के विरुद्ध है। उन्होंने सरकार से कानून की समीक्षा करने और इसके अधिकार की सीमा को नियंत्रित करने का आग्रह किया है।

नागरिक समाज संगठनों का यह कदम धर्म परिवर्तन कानूनों के आसपास बढ़ती कानूनी और सामाजिक बहस का हिस्सा है। विभिन्न हलकों में इन कानूनों की संवैधानिकता को लेकर मतभेद बने हुए हैं।