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CAPF मामलों पर CJI ने न्यायाधीशों से की चर्चा
सर्वोच्च न्यायालय ने IPS अधिकारियों की केंद्रीय सशस्त्र बलों में नियुक्ति से जुड़ी अवमानना याचिकाओं को एक नए कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं के साथ जोड़ा है। मुख्य न्यायाधीश ने इस निर्णय के संबंध में संबंधित न्यायाधीशों से परामर्श किया था।
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सूत्रों के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा IPS अधिकारियों की केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) में नियुक्ति से संबंधित अवमानना याचिकाओं को एक अलग बैच के साथ जोड़ने का निर्णय न्यायाधीशों की जानकारी और सहमति के बिना नहीं किया गया था। यह कदम आंतरिक परामर्श के बाद उठाया गया था।
इन अवमानना याचिकाओं का संबंध IPS अधिकारियों की केंद्रीय सशस्त्र बलों में नियुक्ति की प्रक्रिया से है। सर्वोच्च न्यायालय ने इन मामलों को उस नए कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं के साथ सुनवाई के लिए एक साथ रखने का निर्णय लिया है जो इस तरह की नियुक्तियों को नियंत्रित करता है।
मुख्य न्यायाधीश ने सभी संबंधित न्यायाधीशों के साथ इस महत्वपूर्ण निर्णय पर चर्चा की थी। इस तरह की कार्रवाई यह सुनिश्चित करती है कि न्यायालय की प्रक्रियाएं पारदर्शी और सुव्यवस्थित रहें। यह कदम विभिन्न संबंधित मामलों को एक साथ सुनवाई के लिए सामान्य न्यायिक प्रथा के अनुरूप था।
यह व्यवस्था याचिकाओं की तेजी से और प्रभावी ढंग से सुनवाई को सुविधाजनक बनाएगी तथा न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सुसंगत बनाएगी। CAPF में IPS अधिकारियों की नियुक्ति संबंधी नियम और कानून को लेकर समय-समय पर विभिन्न याचिकाएं सर्वोच्च न्यायालय में दायर की जाती हैं।