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भारत जोड़ो मार्च से एक दिन पहले मुख्य न्यायाधीश का राजनीतिक प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इंकार

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने कहा है कि न्यायपालिका के पास किसी राजनीतिक दल के प्रतिनिधिमंडल से प्रशासनिक स्तर पर मिलने का कोई अधिकार नहीं है। न्यायालय की भूमिका याचिका सुनना और निर्णय देना है।

LSN India · 11 October 2026

भारत जोड़ो मार्च के आयोजन से एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने किसी भी राजनीतिक दल के प्रतिनिधिमंडल से औपचारिक मुलाकात के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका के पास ऐसी बैठकें करने का कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है।

मुख्य न्यायाधीश के अनुसार, न्यायालय की शक्तियां केवल याचिकाओं को सुनने और उन पर फैसला सुनाने तक सीमित हैं। किसी राजनीतिक पक्ष के साथ प्रशासनिक स्तर पर संपर्क स्थापित करना न्यायपालिका की परंपरागत भूमिका से परे है।

यह मुद्दा तब सामने आया जब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन द्वारा एक बड़े राजनीतिक आंदोलन की तैयारी की जा रही है। न्यायालय के इस रुख से भारतीय राजनीति में न्यायपालिका की स्वतंत्रता और तटस्थता के सिद्धांत के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई देती है।

मुख्य न्यायाधीश का यह निर्णय न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच शक्तियों के पृथक्करण के संवैधानिक सिद्धांत को सुदृढ़ करता है। यह कदम किसी भी दबाव में न आकर स्वतंत्र रूप से काम करने की न्यायपालिका की प्रतिज्ञा को दर्शाता है।