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सीईसी पर झूठ बोलने का आरोप, सुप्रीम कोर्ट ने फॉर्म 6 संशोधन को नकारा
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत डिप्के ने सवाल उठाया कि अगर सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी नहीं दी तो चुनाव आयोग ने फॉर्म 6 में संशोधन कैसे किया। सुप्रीम कोर्ट ने इस संशोधन को मंजूर करने से इनकार कर दिया है।
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चुनाव आयोग के प्रति गंभीर आरोप लगते हुए सीजेपी के संस्थापक अभिजीत डिप्के ने पूछा कि क्या चुनाव आयोग आयुक्त गणेश कुमार ने देश के साथ सच नहीं कहा। डिप्के का सवाल इस बात को लेकर है कि फॉर्म 6 में किए गए संशोधन के लिए सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी कैसे न होकर भी ये परिवर्तन लागू किए गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि उसने फॉर्म 6 के संशोधन को अनुमति नहीं दी है। यह खुलासा चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और संवैधानिक प्रक्रियाओं के पालन के सवालों को उठाता है।
डिप्के के हमले से चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लगे हैं। वह यह जानना चाहते हैं कि किस आधार पर चुनाव आयोग ने सर्वोच्च न्यायालय की मंजूरी के बिना इस महत्वपूर्ण दस्तावेज में बदलाव किया।
यह घटनाक्रम चुनाव संचालन और न्यायिक निरीक्षण के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है। आने वाले समय में इस विवाद के कानूनी और संवैधानिक निहितार्थ स्पष्ट होंगे।