LSN News › India

World · India Bureau

नेपाल की आपदा: जलवायु परिवर्तन ने बढ़ाया ग्लेशियर धराशायी का खतरा

नेपाल-तिब्बत सीमावर्ती क्षेत्र में अगस्त के अंत में लैंगटांग लिरंग पर्वत से ग्लेशियर और चट्टान के ढहने से आई बाढ़ में करीब 1400 लोग मारे गए। वैज्ञानिकों की रिपोर्ट से पता चला है कि बढ़ता तापमान इस तरह की आपदाओं का मुख्य कारण है।

LSN India · 17 September 2026

नेपाल की आपदा: जलवायु परिवर्तन ने बढ़ाया ग्लेशियर धराशायी का खतरा

नेपाल में हुई विनाशकारी बाढ़ की जांच में वैज्ञानिकों ने जलवायु परिवर्तन की भूमिका की पुष्टि की है। हिमालयी क्षेत्र में पर्माफ्रॉस्ट के तीव्र गति से पिघलने और ग्लेशियर के सिकुड़ने की प्रक्रिया प्राकृतिक आपदाओं की संभावना को लगातार बढ़ा रही है।

लैंगटांग लिरंग पहाड़ से हुए धराशायी की घटना इसी बदलाव का सीधा परिणाम माना जा रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार, वैश्विक तापमान में वृद्धि ने हिमालयी क्षेत्र की जलवायु को अस्थिर कर दिया है, जिससे ग्लेशियरों की संरचना कमजोर हुई है।

अध्ययन से पता चलता है कि पर्माफ्रॉस्ट का पिघलना पर्वतीय ढालों को अस्थिर बना देता है, जिससे चट्टानों के गिरने और बर्फ के ढहने की आशंका बढ़ जाती है। इस आपदा ने हजारों जानें ले लीं और क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचाया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण एशियाई क्षेत्र में इस तरह की घटनाओं की आवृत्ति बढ़ने की संभावना है। जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटने के लिए व्यापक पूर्वानुमान व्यवस्था और जोखिम प्रबंधन रणनीतियों की तत्काल आवश्यकता है।