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जलवायु परिवर्तन से एल नीनो घटनाएं अधिक शक्तिशाली हो रही हैं: अध्ययन
एक नए वैज्ञानिक अध्ययन से पता चलता है कि मानव-निर्मित जलवायु परिवर्तन के कारण एल नीनो घटनाएं तेजी से मजबूत हो रही हैं। यह खोज इस बात का संकेत देती है कि वैश्विक तापमान में वृद्धि का संकट और भी गंभीर हो सकता है।
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विज्ञान पत्रिका में प्रकाशित एक नए अध्ययन के अनुसार, एल नीनो - जो प्राकृतिक जलवायु परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण कारक है - औद्योगिक क्रांति के बाद से 36 प्रतिशत अधिक शक्तिशाली हो गई है। पिछले 40 वर्षों में अकेले 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो यह संकेत देता है कि यह प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है।
एल नीनो घटना से विषुवतीय प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों में अस्थायी तापमान में वृद्धि होती है, जिससे विश्वभर में मौसम के पैटर्न बिगड़ते हैं। इससे गर्मी की लहरें, बाढ़ और सूखे जैसी चरम मौसमी घटनाएं बढ़ जाती हैं। अनुमान है कि ऐसी घटनाओं से ट्रिलियन डॉलर का नुकसान हो सकता है।
वर्तमान में, दो महीने पहले बनी एल नीनो घटना रिकॉर्ड तोड़ने वाली बताई जा रही है। मजबूत एल नीनो घटनाओं का विश्वव्यापी जलवायु चरमताओं पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, जलवायु परिवर्तन के कारण इन घटनाओं की तीव्रता बढ़ना चिंता का विषय है।
यह अध्ययन यह दर्शाता है कि मानवीय गतिविधियों से उत्सर्जित ग्रीनहाउस गैसें न केवल सामान्य वैश्विक तापमान को बढ़ा रही हैं, बल्कि प्राकृतिक जलवायु घटनाओं को भी अधिक चरम बना रही हैं। इससे भविष्य में जलवायु-संबंधी आपदाओं की गंभीरता और आवृत्ति दोनों में वृद्धि की संभावना है।