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जलवायु परिवर्तन भारत के दूध की मांग-आपूर्ति खाई को बढ़ाएगा: सीआईआई

भारतीय उद्योग परिसंघ की रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि जलवायु जोखिम दुग्ध उत्पादन को प्रभावित कर सकते हैं। दूध उत्पादन की वृद्धि दर घटकर 3.5-3.7 प्रतिशत रह गई है, जबकि मौसम परिवर्तन से खरीद लागत बढ़ने का खतरा है।

LSN India · 24 September 2026

जलवायु परिवर्तन भारत के दूध की मांग-आपूर्ति खाई को बढ़ाएगा: सीआईआई

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की एक नई रिपोर्ट में देश के दुग्ध क्षेत्र को जलवायु परिवर्तन से गंभीर खतरे की ओर इशारा किया गया है। विश्लेषण के अनुसार, बढ़ते तापमान और अनियमित वर्षा पैटर्न न केवल दूध उत्पादन को प्रभावित करेंगे, बल्कि पूरे डेयरी सेक्टर की अर्थव्यवस्था को चुनौती देंगे।

वर्तमान में भारत में दूध उत्पादन की वृद्धि दर 3.5 से 3.7 प्रतिशत तक सीमित रह गई है। रिपोर्ट में माना गया है कि जलवायु परिवर्तनजन्य दबाव से दुग्ध खरीद की लागत में वृद्धि होगी। इससे डेयरी उद्योग के मार्जिन में भी कमी आएगी, विशेषकर मूल्यवर्धित दुग्ध उत्पादों पर दबाव पड़ेगा।

सीआईआई की चेतावनी यह भी दर्शाती है कि जलवायु संबंधी अनिश्चितता से दूध की मांग और आपूर्ति के बीच की खाई और गहरी हो सकती है। पशु स्वास्थ्य में गिरावट, चारे की उपलब्धता में कमी और जल संकट के कारण उत्पादन में और भी बाधा आ सकती है।

विश्लेषकों के अनुसार, इस स्थिति में सरकार और डेयरी उद्योग को मिलकर टिकाऊ और जलवायु-अनुकूल उत्पादन तरीके अपनाने होंगे। पशुपालकों को आधुनिक तकनीकें, बेहतर नस्लें और संसाधनों तक पहुंच बढ़ानी होगी ताकि आने वाले दशकों में भारत की दूध की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।