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अलास्का में ड्रोन तकनीक ने 3 घंटे में 1.9 करोड़ गैलन पानी का उत्पादन किया
जलवायु प्रौद्योगिकी स्टार्टअप ने अलास्का में सफलतापूर्वक ड्रोन का उपयोग करके अतिरिक्त वर्षा प्रेरित की है। यह तकनीक सूखाग्रस्त क्षेत्रों में जल संकट समाधान का नया मार्ग प्रशस्त कर सकती है।
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एक अग्रणी जलवायु प्रौद्योगिकी स्टार्टअप ने दावा किया है कि उसके ड्रोन अलास्का में सफलतापूर्वक लाखों गैलन अतिरिक्त वर्षा का प्रेरण करने में कामयाब रहे हैं। इस परीक्षण के दौरान ड्रोन ने मौजूदा बादलों को लक्षित करके बर्फ के क्रिस्टल के विकास को बढ़ावा दिया, जिससे महज 3 घंटे में 1.9 करोड़ गैलन पानी का उत्पादन हुआ।
यह तकनीक, जिसे कृत्रिम वर्षा या क्लाउड सीडिंग के रूप में जाना जाता है, अमेरिकी पश्चिम के सूखाग्रस्त क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण राहत प्रदान कर सकती है। जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ते सूखे की स्थिति में यह नवीन समाधान एक वरदान साबित हो सकता है।
अलास्का में किए गए परीक्षण मुख्य रूप से वर्षा उत्पादन के मापन पर केंद्रित थे। यह कदम इस तकनीक के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, भविष्य के मूल्यांकन इस विधि की विश्वसनीयता और व्यापक अनुप्रयोग की संभावनाओं की पुष्टि करने के लिए आवश्यक होंगे।
वैज्ञानिक समुदाय इस परीक्षण के परिणामों का बेसब्री से इंतजार कर रहा है, क्योंकि सफल साबित होने पर यह तकनीक दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया जैसे जल-संकटग्रस्त क्षेत्रों में भी लागू की जा सकती है।