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विझिंजम में केंद्रीय समुद्री मत्स्य अनुसंधान संस्थान ने खुले समुद्र में मसल्स की खेती शुरू की

केंद्रीय समुद्री मत्स्य अनुसंधान संस्थान (सीएमएफआरआई) ने विझिंजम में एक अत्याधुनिक खुले समुद्र की मसल्स लॉन्गलाइन खेती इकाई का उद्घाटन किया है। यह परियोजना भारतीय तटीय क्षेत्रों में जलीय कृषि के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

LSN India · 21 October 2026

विझिंजम में केंद्रीय समुद्री मत्स्य अनुसंधान संस्थान ने खुले समुद्र में मसल्स की खेती शुरू की

केरल के विझिंजम में स्थापित यह खुले समुद्र की मसल्स लॉन्गलाइन खेती इकाई समुद्री जलीय कृषि में एक नई दिशा प्रदान करती है। सीएमएफआरआई द्वारा संचालित इस परियोजना का उद्देश्य पारंपरिक मत्स्य पालन के अलावा एक वैकल्पिक आजीविका प्रदान करना है।

लॉन्गलाइन पद्धति का उपयोग करके मसल्स की खेती करने से मछुआरों को आय का एक स्थिर स्रोत मिल सकता है। इस तकनीक में लंबी रस्सियों पर मसल्स को लगाया जाता है, जिससे अधिक उत्पादन प्राप्त होता है। यह विधि पर्यावरण के अनुकूल भी मानी जाती है क्योंकि इसमें कोई हानिकारक रसायन का उपयोग नहीं होता।

सीएमएफआरआई का यह उद्यम स्थानीय मछुआरों को आधुनिक खेती तकनीकों से परिचित कराएगा और उन्हें प्रशिक्षण प्रदान करेगा। विझिंजम क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और समुद्री परिस्थितियां मसल्स की खेती के लिए अनुकूल हैं।

इस परियोजना के माध्यम से केरल के तटीय समुदायों के आर्थिक विकास में योगदान देने की अपेक्षा की जा रही है। साथ ही, यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर समुद्री कृषि के विस्तार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।