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कोल गैसिफिकेशन से भारत बचा सकता है 1.96 लाख करोड़ का आयात

घरेलू स्तर पर कोल गैसिफिकेशन से जुड़े उत्पादों का निर्माण प्राकृतिक गैस, यूरिया, अमोनिया और मेथेनॉल के आयात को कम कर सकता है। इससे नए औद्योगिक केंद्रों और रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

LSN India · 22 October 2026

कोल गैसिफिकेशन से भारत बचा सकता है 1.96 लाख करोड़ का आयात

भारत अपने विशाल कोयला भंडार का उपयोग करके विदेशी आयात पर निर्भरता को काफी हद तक कम कर सकता है। कोल गैसिफिकेशन प्रौद्योगिकी के माध्यम से घरेलू उत्पादन बढ़ाने से राष्ट्र को लगभग 1.96 लाख करोड़ रुपये का आयात बिल कम करने में मदद मिल सकती है।

प्राकृतिक गैस, यूरिया, अमोनिया और मेथेनॉल जैसे महत्वपूर्ण रासायनिक उत्पाद वर्तमान में भारत के कुल आयात में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। कोल गैसिफिकेशन तकनीक के जरिए इन सभी पदार्थों का घरेलू उत्पादन करना संभव है, जिससे विदेशी मुद्रा के बहिर्गमन को नियंत्रित किया जा सकता है।

इस पहल के अन्य लाभों में नए औद्योगिक समूहों का विकास और रोजगार सृजन शामिल है। कोल गैसिफिकेशन संयंत्रों की स्थापना से देश के कोयला उत्पादक क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधि बढ़ेगी और स्थानीय समुदायों को नए रोजगार के अवसर मिलेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि कोल गैसिफिकेशन प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देना भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। यह रणनीति आयात की खर्चीली निर्भरता को कम करते हुए देशीय संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करेगी।