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नारियल के छिलके से बनी बायोचार से सड़कें होंगी ज्यादा मजबूत
नारियल के छिलके से तैयार बायोचार को डामर में मिलाने से सड़कों की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है। शोध में पाया गया है कि इस सामग्री से तापमान के प्रतिरोध में 12.5 प्रतिशत की वृद्धि होती है।
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सड़क निर्माण में उपयोग होने वाली डामर की मजबूती बढ़ाने के लिए वैज्ञानिकों ने एक नवीन समाधान खोजा है। नारियल के छिलके से प्राप्त बायोचार को डामर में मिलाने से न केवल सड़कें अधिक टिकाऊ होती हैं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी यह लाभकारी साबित हो रहा है।
शोध के परिणामों से संकेत मिलता है कि यह मिश्रण गर्मी के प्रति प्रतिरोधक क्षमता में उल्लेखनीय सुधार लाता है। 12.5 प्रतिशत तक बढ़ी हुई ताप प्रतिरोध क्षमता का अर्थ है कि इस तरह से निर्मित सड़कें अधिक चरम तापमान को सहन कर सकेंगी और लंबे समय तक बेहतर स्थिति में रह सकेंगी।
कृषि अपशिष्ट से मूल्यवान सामग्री तैयार करने की यह प्रक्रिया दक्षिण एशियाई क्षेत्र में विशेष महत्व रखती है, जहां नारियल की खेती व्यापक पैमाने पर की जाती है। इस तकनीक से न केवल अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार होगा, बल्कि सड़क अवसंरचना की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह विकास टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल निर्माण सामग्री के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में सरकारी और निजी परियोजनाओं में इस प्रौद्योगिकी का अनुप्रयोग बढ़ने की संभावना है।