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कॉफी कचरे को बदलकर कंक्रीट को 29 प्रतिशत मजबूत बना रहे हैं वैज्ञानिक

शोधकर्ताओं ने इस्तेमाल किए गए कॉफी के बचे हुए अवशेषों को एक मूल्यवान निर्माण सामग्री में परिवर्तित किया है। यह नई तकनीक न केवल अपशिष्ट को कम करती है बल्कि कंक्रीट की मजबूती को भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ाती है।

LSN India · 11 September 2026

कॉफी कचरे को बदलकर कंक्रीट को 29 प्रतिशत मजबूत बना रहे हैं वैज्ञानिक

वैज्ञानिकों की एक टीम कॉफी अपशिष्ट को उपयोगी निर्माण सामग्री में बदलने में सफल रही है। इस प्रक्रिया में पाइरोलिसिस नामक तकनीक का उपयोग करके उपयोग की गई कॉफी को बायोचार में परिवर्तित किया जाता है।

शोध में पाया गया कि रेत के स्थान पर 15 प्रतिशत मात्रा में बायोचार का उपयोग करने से कंक्रीट की संपीड़न शक्ति लगभग 30 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। यह खोज निर्माण उद्योग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भरता को कम करता है।

यह नवोन्मेषी तकनीक कॉफी उत्पादन से उत्पन्न होने वाले विशाल कचरे की समस्या का समाधान भी प्रदान करती है। बायोचार का उपयोग कंक्रीट में न केवल उसकी मजबूती बढ़ाता है बल्कि निर्माण सामग्री की लागत को भी कम करने में मदद कर सकता है।

अभी तक यह शोध प्रयोगशाला स्तर पर आयोजित किया गया है। व्यावसायिक स्तर पर इसके व्यापक उपयोग से पहले अतिरिक्त प्रयोगशाला परीक्षण की आवश्यकता है। शोधकर्ता इसे वास्तविक निर्माण परियोजनाओं में लागू करने की संभावनाएं तलाश रहे हैं।