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ब्लड प्रेशर की दवाओं में छिपे मूत्रवर्धक का खतरा, सर्दियों में सावधानी जरूरी

चिकित्सकों का कहना है कि कई रक्तचाप नियंत्रक दवाओं में मूत्रवर्धक (डाइयुरेटिक) तत्व मौजूद होते हैं जो सर्दियों के मौसम में स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ा सकते हैं। सर्दियों में इन दवाओं के दुष्प्रभावों से बचने के लिए चिकित्सीय निगरानी आवश्यक है।

LSN India · 24 October 2026

ब्लड प्रेशर की दवाओं में छिपे मूत्रवर्धक का खतरा, सर्दियों में सावधानी जरूरी

देश भर के चिकित्सकों ने रोगियों को सलाह दी है कि जो लोग उच्च रक्तचाप की दवाइयां ले रहे हैं, उन्हें अपनी दवाओं की संरचना के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। कई लोकप्रिय रक्तचाप नियंत्रक दवाओं में मूत्रवर्धक गुण होते हैं जो शरीर में पानी और खनिज संतुलन को प्रभावित करते हैं। ये दवाएं शरीर से अतिरिक्त सोडियम और पोटेशियम को निकालने में मदद करती हैं, लेकिन इसके साथ महत्वपूर्ण खनिजों की कमी भी हो सकती है। सर्दियों के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है क्योंकि ठंड में शरीर के तरल पदार्थ का संतुलन बिगड़ने का खतरा अधिक रहता है। चिकित्सकों के अनुसार, सर्दी के मौसम में ऐसी दवाओं का उपयोग करने वाले रोगियों को निर्जलीकरण, कमजोरी, चक्कर आना और अन्य जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि रोगियों को नियमित रूप से अपने डॉक्टर के संपर्क में रहना चाहिए और दवाओं के दुष्प्रभावों की निगरानी करनी चाहिए। सर्दियों में पर्याप्त जलपान, संतुलित आहार और नियमित स्वास्थ्य जांच इन दवाओं के संभावित जोखिमों को कम करने में मदद कर सकते हैं।