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वाणिज्यिक वाहन ऋणों में चूक के मामले बढ़ रहे हैं: रिपोर्ट
वाणिज्यिक वाहन ऋणों में जून 2026 में 31 से 90 दिन की देरी से भुगतान की दर 4.1 प्रतिशत तक पहुंची है। इस बीच, ऑटोमोबाइल ऋण वाहन वित्त क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते रहे हैं।
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भारतीय वाहन वित्त बाजार में वाणिज्यिक वाहन ऋणों में चूक के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। जून 2026 की अवधि में, वाणिज्यिक वाहन ऋणों में 31 से 90 दिन की समय सीमा के भीतर भुगतान में देरी (पार्शल एरीयर्स रेट) 4.1 प्रतिशत दर्ज की गई है। यह आंकड़ा वाहन ऋण क्षेत्र में उदीয्मान चिंता का विषय बन गया है।
इसके विपरीत, व्यक्तिगत ऑटोमोबाइल ऋण खंड में स्थिति अधिक स्थिर बनी हुई है। व्यक्तिगत ऋण लेने वाले अपनी किश्तें समय पर चुकाते रहे हैं, जिससे यह वाहन वित्त क्षेत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला खंड बना हुआ है। इस अंतर को वाणिज्यिक वाहनों के संचालकों के सामने आर्थिक दबाव और परिचालन चुनौतियों से जोड़ा जा सकता है।
वाणिज्यिक वाहन क्षेत्र में ऋण देने वाली संस्थाएं बढ़ती चूक की प्रवृत्ति पर सतर्क नजर रख रही हैं। ऋण गुणवत्ता में यह गिरावट परिवहन और लॉजिस्टिक्स उद्योग में संकेतक माना जा रहा है।