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कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने के बाद स्कॉटिश जूडोका को मैकडोनल्ड्स में लौटना पड़ा
स्कॉटलैंड की जूडोका समर शॉ ने कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीता, लेकिन अपने खेल करियर को आगे बढ़ाने के लिए कुछ दिनों बाद ही अपनी मैकडोनल्ड्स की अंशकालिक नौकरी पर लौटना पड़ा।
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स्कॉटलैंड की जूडोका समर शॉ ने कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने देश के लिए कांस्य पदक जीतकर खेल जगत में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। यह उपलब्धि उनके जूडो करियर के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई। हालांकि, राष्ट्रीय स्तर पर यह सफलता प्राप्त करने के बाद भी शॉ को अपनी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए कुछ दिनों बाद ही अपनी मैकडोनल्ड्स की अंशकालिक नौकरी पर लौटना पड़ा।
शॉ की इस परिस्थिति को लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने अपनी आर्थिक चुनौतियों के बारे में बात की थी। टिकटॉक पर साझा किए गए इस वीडियो ने व्यापक ध्यान आकर्षित किया और खिलाड़ियों के सामने आने वाली वित्तीय समस्याओं पर बहस छेड़ दी।
जूडो में अपने कौशल और प्रतिभा के बावजूद, शॉ को अपने खेल को पूरी तरह से समर्पित करने के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता नहीं मिल पाई है। वह प्रायोजन और वित्तीय सहयोग के लिए उत्सुक हैं ताकि वह अपने जूडो करियर पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सकें।
शॉ की कहानी कई युवा एथलीटों की आर्थिक संकट को दर्शाती है, जो अपने खेल में उत्कृष्टता हासिल करने के साथ-साथ अपनी जीविका भी कमाना पड़ता है। उनका मामला खेल प्रबंधन और सरकारी निकायों से प्रतिभाशाली एथलीटों को बेहतर सहायता प्रदान करने की मांग को और मजबूत करता है।