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मध्यवर्तीय बोर्ड को दक्षता आधारित मूल्यांकन पर ध्यान देने का आह्वान
पीएआरएख-एनसीईआरटी की मुख्य कार्यपालक इंद्राणी भादुड़ी ने कहा कि परीक्षाएं समझ, अनुप्रयोग, विश्लेषण और तर्क कौशल को परखें। बीआईईएपी के आईटीएमएस अपनाने की प्रशंसा की गई।
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मध्यवर्तीय शिक्षा बोर्ड को दक्षता आधारित मूल्यांकन प्रणाली पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया गया है। पीएआरएख (प्रदर्शन आकलन, समीक्षा और ज्ञान के लिए व्यक्तिगत सहायता) और एनसीईआरटी के प्रमुख इंद्राणी भादुड़ी ने इस दिशा में एक महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किया है।
भादुड़ी के अनुसार, परीक्षा प्रश्न केवल रटे हुए ज्ञान तक सीमित नहीं होने चाहिए। इसके बजाय, प्रश्नों को छात्रों की समझ, ज्ञान का अनुप्रयोग, विश्लेषणात्मक सोच और तार्किक तर्क क्षमता को परखने के लिए तैयार किया जाना चाहिए। यह दृष्टिकोण छात्रों को वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने के लिए बेहतर तरीके से तैयार करता है।
बीआईईएपी (आंध्र प्रदेश राज्य बोर्ड ऑफ इंटरमीडिएट एजुकेशन) द्वारा आईटीएमएस (एकीकृत परीक्षा प्रबंधन प्रणाली) को अपनाने की सराहना की गई है। यह प्रणाली मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में सहायक मानी जा रही है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षता केंद्रित मूल्यांकन का यह मॉडल भारत के अन्य बोर्ड द्वारा भी अपनाया जा सकता है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और छात्रों की भविष्य की तैयारी को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।