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पितृ पक्ष से पहले पूरे करें महत्वपूर्ण कार्य, देरी होगी महंगी
पितृ पक्ष 27 सितंबर से आरंभ होने जा रहा है। धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस अवधि से पहले कुछ कार्य पूरे कर लेने चाहिए, अन्यथा 15 दिनों तक प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है।
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भारतीय हिंदू पंचांग के अनुसार पितृ पक्ष एक महत्वपूर्ण पखवाड़ा माना जाता है, जिसे पूर्वजों को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए माना जाता है। इस वर्ष पितृ पक्ष 27 सितंबर को प्रारंभ होगा और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में कुछ कार्य वर्जित हैं।
धर्मशास्त्रों के अनुसार पितृ पक्ष के दौरान नए कार्य, विवाह, मुंडन संस्कार और अन्य शुभ कार्यों का आयोजन नहीं किया जाता है। इसलिए जो लोग इन कार्यों को निपटाना चाहते हैं, उन्हें पितृ पक्ष शुरू होने से पहले ही सभी व्यवस्थाएं पूरी कर लेनी चाहिए।
धार्मिक विशेषज्ञों के अनुसार यदि कोई शुभ कार्य या संस्कार इसी बीच छूट जाता है, तो उसे पितृ पक्ष समाप्त होने के बाद ही किया जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप लगभग 15 दिनों की देरी हो जाती है।
इस समय विशेषज्ञ सभी जरूरी कार्यों, जैसे बच्चों के मुंडन संस्कार, विवाह की तैयारी और अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों को पितृ पक्ष से पहले पूरा कर लेने की सलाह देते हैं। इसके अलावा पितृ पक्ष के दौरान पूर्वजों के लिए तर्पण और पिंड दान जैसे कार्यों को विशेष महत्व दिया जाता है।