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बिना शर्त सुधार: बीआईएस अनुमोदन प्रक्रिया निवेश में बाधा बन रही है

भारतीय मानक ब्यूरो की स्वीकृति के लिए आवश्यक नियमों में विभिन्न मंत्रालयों की भूमिका और छह महीने तक की लंबी प्रक्रिया निवेशकों के लिए जटिलताएं बढ़ा रही है।

LSN India · 27 August 2026

बिना शर्त सुधार: बीआईएस अनुमोदन प्रक्रिया निवेश में बाधा बन रही है

भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की अनिवार्य मंजूरी प्रक्रिया औद्योगिक निवेशकों के लिए एक बड़ी बाधा बन गई है। देश में विभिन्न उत्पादों और सेवाओं के लिए गुणवत्ता मानदंड निर्धारित करने वाला यह संस्थान विभिन्न मंत्रालयों के निर्देश के तहत संचालित होता है, जिससे अनुमोदन प्रक्रिया अत्यधिक जटिल हो गई है।

वर्तमान में बीआईएस के अंतर्गत किसी भी मानक को मंजूरी देने में लगभग छह महीने का समय लग सकता है। यह लंबी अवधि उद्योगों को नई परियोजनाओं में निवेश करने से पहले काफी सोचना-विचारना पड़ता है और उन्हें अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है।

मंत्रालयों के बीच समन्वय की कमी इस समस्या को और गंभीर बनाती है। विभिन्न सरकारी विभाग अपने-अपने मानदंड और दिशानिर्देश लागू करते हैं, जिससे बीआईएस स्वीकृति की प्रक्रिया में विलंब और भ्रम की स्थिति पैदा होती है।

नीति-निर्माताओं का मानना है कि इस प्रणाली में सुधार करना आवश्यक है। एकीकृत और सुव्यवस्थित अनुमोदन प्रक्रिया न केवल निवेशकों के लिए बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञ सुझाते हैं कि बीआईएस के साथ मंत्रालयों के बीच बेहतर संचार और स्पष्ट दिशानिर्देश इस समस्या का समाधान निकाल सकते हैं।