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सभी पक्षों से सलाह लेने की खर्गे की प्रधानमंत्री से अपील
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे ने प्रधानमंत्री से संसद के परिसीमन संबंधी किसी भी कदम से पहले सभी राजनीतिक दलों से परामर्श लेने की मांग की है। उन्होंने मानसून सत्र के स्थगन में हुई असामान्य देरी को लेकर भी चिंता व्यक्त की है।
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कांग्रेस के शीर्ष नेता मल्लिकार्जुन खर्गे ने केंद्र सरकार को सावधानी बरतने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सभी राजनीतिक दलों की सहमति आवश्यक है। खर्गे की यह टिप्पणी सदन के परिसीमन यानी चुनावी क्षेत्रों के पुनर्निधारण से संबंधित संभावित कदमों के संदर्भ में आई है।
खर्गे ने संसद के मानसून सत्र के प्रबंधन में भी विसंगतियों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि 13 अगस्त को सत्र स्थगित किए जाने के बाद से संसद को औपचारिक रूप से विलंबित न किए जाने की स्थिति असामान्य है। इस तरह की प्रक्रिया की खामोशी से संसदीय परंपराओं का उल्लंघन हो रहा है।
कांग्रेस प्रमुख ने सरकार को समस्त राजनीतिक दलों के साथ एक सर्वदलीय बैठक बुलाने का सुझाव दिया है। उनका मानना है कि संविधानिक प्रावधानों में कोई भी परिवर्तन व्यापक सहमति के माध्यम से ही किया जाना चाहिए। यह दृष्टिकोण लोकतांत्रिक मानदंडों के अनुरूप है और राष्ट्रीय सर्वसम्मति सुनिश्चित करता है।