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सोनिया गांधी ने माना: अयोध्या संकट में कांग्रेस की विफलता का योगदान
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 1992 के अयोध्या विवाद के संदर्भ में स्वीकार किया है कि पार्टी की नीतिगत चूक और आत्मसंतुष्टि भाजपा के उदय में सहायक रही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कई मायनों में असतर्क रही है।
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कांग्रेस की शीर्ष नेता सोनिया गांधी ने अपनी पार्टी की राजनीतिक असफलताओं का आत्मसमीक्षा करते हुए 1992 के अयोध्या संकट को लेकर दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने स्वीकार किया कि इस घटना के पीछे कांग्रेस की नीति संबंधी कमजोरियां भी जिम्मेदार थीं।
गांधी के अनुसार, भाजपा और उसकी हिंदुत्व केंद्रित राजनीति के उत्थान में कांग्रेस की अपनी पार्टी गत भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने माना कि कांग्रेस कई मोर्चों पर बेखबर और आत्मतुष्ट रही है।
यह टिप्पणी भारतीय राजनीति के एक महत्वपूर्ण मोड़ को दर्शाती है जब देश की प्रमुख राजनीतिक शक्ति अपनी ऐतिहासिक चूकों पर विचार-विमर्श कर रही है। सोनिया गांधी की यह स्वीकृति कांग्रेस की आत्मआलोचनात्मक दृष्टिकोण को प्रदर्शित करती है।
अयोध्या विवाद न केवल भारतीय राजनीति का केंद्रीय मुद्दा रहा है, बल्कि यह कई राजनीतिक पार्टियों के उत्थान-पतन का कारण भी बना। गांधी की टिप्पणी संकेत देती है कि इस महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना में विभिन्न राजनीतिक खिलाड़ियों की भूमिका थी।