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तिरुचानूर मंदिर प्रवेश आंदोलन की शताब्दी मनाएंगे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चिंता मोहन

कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री चिंता मोहन ने तिरुचानूर मंदिर प्रवेश आंदोलन की शताब्दी समारोह 13 अक्टूबर से शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि 1925 में द हिंदू की रिपोर्ट से प्रेरित होकर राजाजी ने इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ी थी।

LSN India · 1 October 2026

तिरुचानूर मंदिर प्रवेश आंदोलन की शताब्दी मनाएंगे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चिंता मोहन

कांग्रेस के प्रभावशाली नेता चिंता मोहन ने आंध्र प्रदेश के तिरुचानूर मंदिर प्रवेश आंदोलन की शताब्दी के समारोह की घोषणा की है। यह ऐतिहासिक अभियान 13 अक्टूबर से शुरू होगा और इसमें इस महत्वपूर्ण सामाजिक आंदोलन की विरासत को याद किया जाएगा।

मोहन के अनुसार, 1925 में द हिंदू अखबार की एक रिपोर्ट ने तत्कालीन नेता राजाजी को इस मुद्दे पर कानूनी कार्रवाई करने के लिए प्रेरित किया था। राजाजी की यह पहल दलितों और हाशिए पर रहने वाले समुदायों को मंदिरों में प्रवेश का अधिकार दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम थी।

यह आंदोलन भारतीय समाज में सामाजिक न्याय और समानता की लड़ाई का एक महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है। तिरुचानूर मंदिर प्रवेश आंदोलन को भारतीय सामाजिक इतिहास में एक मील का पत्थर माना जाता है जो दक्षिण भारत में सामाजिक सुधार की गतिविधियों का प्रतीक है।

शताब्दी समारोह के जरिए इस ऐतिहासिक आंदोलन को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और उसके महत्व को समझाने का प्रयास किया जाएगा। कांग्रेस नेता के अनुसार इस अवसर पर सामाजिक न्याय के संदर्भ में विचार-विमर्श और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।