LSN News › India

Politics · India Bureau

न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सवाल; कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट जज की किताब का हवाला दिया

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक पूर्व न्यायाधीश की आत्मकथा के हवाले से मोदी सरकार के तहत न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सवाल उठाए हैं। जस्टिस कौल की किताब में पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ पर आरोप लगाए गए हैं।

LSN India · 25 October 2026

न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सवाल; कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट जज की किताब का हवाला दिया

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व न्यायाधीश की आत्मकथा का हवाला देते हुए केंद्र सरकार के तहत न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। रमेश ने मीडिया रिपोर्ट साझा करते हुए जस्टिस कौल की किताब 'विदाउट फियर ऑफ फेवर' के प्रकाशन पूर्व पांडुलिपि से उद्धरण दिए।

जस्टिस कौल की किताब में पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ पर न्यायिक नियुक्तियों के संदर्भ में सरकार के प्रति अत्यधिक विनम्र रवैया अपनाने का आरोप लगाया गया है। किताब में यह दावा किया गया है कि चंद्रचूड़ सरकार के निर्देशों के प्रति उचित सावधानी बरतने में विफल रहे।

कांग्रेस द्वारा उठाए गए इन सवालों ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर एक बार फिर से बहस छेड़ दी है। पार्टी का दावा है कि सरकार के साथ निकट संबंध न्यायिक निर्णयों को प्रभावित कर रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि न्यायपालिका को संविधान द्वारा प्रदत्त स्वतंत्रता का पूरी तरह से पालन किया जाना चाहिए।

इस मुद्दे पर सरकार और न्यायपालिका के बीच के संबंधों पर नई रोशनी पड़ी है। एक न्यायाधीश द्वारा लिखी गई आत्मकथा में ऐसे आरोप भारतीय न्यायिक प्रणाली के संदर्भ में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।