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राजनीतिक कला नहीं, उसके पीछे की राजनीति समस्या है: खेड़ा
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने बीकानेर हाउस पर सेंसरशिप का आरोप लगाया है, जहां प्रदर्शनी में राहुल वड़रा के 75 फोटोग्राफ को हटाने के लिए कहा गया था। खेड़ा का कहना है कि राजनीतिक विषयवस्तु के बहाने सामाजिक आंदोलनों को दबाया जा रहा है।
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कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने नई दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस पर सरकारी सुविधा को राजनीतिक रूप से पक्षपाती तरीके से उपयोग करने का आरोप लगाया है। खेड़ा का कहना है कि कला को राजनीतिक बताकर जनता के लिए महत्वपूर्ण सामाजिक दस्तावेजों को प्रदर्शित करने से रोका जा रहा है।
बीकानेर हाउस ने फोटोग्राफर राहुल वड़रा की एक प्रदर्शनी से 75 तस्वीरें हटाने का निर्देश दिया था। इन तस्वीरों में विभिन्न नागरिक आंदोलन और सार्वजनिक प्रदर्शन दर्ज थे। संस्थान ने अपने राजनीतिक सामग्री पर प्रतिबंध का हवाला देते हुए यह कार्रवाई करने का कारण बताया था।
खेड़ा के अनुसार, असली समस्या कला नहीं बल्कि कला के पीछे की राजनीति है। उनका तर्क है कि सरकारी संस्थानों को जनता के आंदोलनों और विचारों को सेंसर करने के लिए राजनीति का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। यह घटना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सांस्कृतिक संस्थानों की स्वतंत्रता के मुद्दे को केंद्र में रखती है।
यह प्रकरण देश में सांस्कृतिक और सामाजिक प्रदर्शनों पर लगाए जाने वाले प्रतिबंधों को लेकर चल रही बहस में एक और उदाहरण जोड़ता है। विरोधी पक्ष इसे अभिव्यक्ति पर नियंत्रण का प्रयास बताते हैं, जबकि सरकारी संस्थानों का कहना है कि वे राजनीतिक तटस्थता बनाए रखने के लिए ऐसे कदम उठाते हैं।